What is bs6 in Hindi। Difference between BS 4 and BS 6

दोस्तों आपके मन में भी BS6 को लेकर काफी सवाल आते होंगे ( जैसे कि What is bs6 in Hindi, bs6 engine kya hai, bs6 fuel kya hai, bs6 ke fayde kya hai, What is the difference between BS 4 and BS 6, bs6 meaning ) आज इन्ही के बारे में बात करेंगे…

What is bs6 in Hindi

प्रदूषण को देखते हुए सन 2000 में भारत सरकार ने एक निर्णय लिया था की अब से जो गाड़ियां बाजार में आएंगी वह कुछ मापदंडों पर खरी उतरना चाहिए तभी उनको बेचने की अनुमति प्रदान की जाएगी, और इन्हीं को भारत स्टेज नॉर्म्स कहा जाता है।

Bharat Stage Norms में वाहनों द्वारा प्रदूषण छोड़ने की अधिकतम सीमा तय की जाती है जो वाहन नॉर्म्स से ज्यादा प्रदूषण करते है उनको प्रतिबंधित कर दिया जाता है, अभी तक bs1 से लेकर bs6 तक नॉर्म्स आ चुके हैं । bs6  भारत में 1 अप्रैल 2020 से लागू किया गया।

इन मापदंडो को बनाते समय सबसे ज्यादा सल्फर की मात्रा का ध्यान रखा गया है जो की गाड़ी से निकलते हैं।

सल्फर मात्रा (mg/kg) bs3 bs4 bs6
Diesel 350 50 10
Petrol 150 50 10

आपको बता दें कि bs6 गाड़ियों में ईंधन भी अलग डाला जाता है, इसके लिए bs6 ईंधन मिलना शुरू भी हो गया है।

BS6 के फायदे और नुकसान

दोस्तों पहले बात करते हैं BS6 के नुकसान के बारे में इसके आने से कंपनियों को बहुत ज्यादा अनुसंधान और विकास करना पड़ेगा ताकि वाहन bs6 के नॉर्म्स को फॉलो कर सके जिससे BS6 वाहन महंगे हो जायेंगे।

BS6 के आने से कंपनियां चाहेंगी कि bs4 वाला जितना भी स्टॉक है, उसको जल्द से जल्द बेच दिया जाए इसके लिए कंपनियों को कीमत कम करना पड़ेगा और इसका सीधा फायदा कंजूमर को होगा और यदि फायदे की बात करें तो इससे काफी हद तक प्रदूषण नियंत्रण होगा।

कौन सी गाड़ी खरीदे BS4 या BS6

यदि आप ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते हैं तो बीएस-4 गाड़ी सबसे अच्छी रहेगी क्योकि bs6 गाड़ी खरीदने के लिए पैसे ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे

एक प्रॉब्लम आ सकती है जब आप गाड़ी को बेचेंगे तो इसकी कीमत bs6 इंजन वाली गाड़ियों से कम होगी, लेकिन यदि आप वातावरण से प्रेम करते हैं, तो आपको BS6 गाड़ी ही खरीदना चाहिए।

क्या होगा BS6 के आने से

दोस्तों BS4 गाड़ियों के ईंधन में सल्फर की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिससे नाइट्रोजन-ऑक्साइड अधिक मात्रा में धुआं के साथ निकलती है, इस धुआं से फेफड़ों में इन्फेक्शन होता है, इसी प्रदूषण को देखते हुए BS6 Norms को लागू किया गया।

BS 6 वाहनों में उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जो नाइट्रोजन ऑक्साइड के प्रदूषण को कम करता है। BS6 के आने से प्रदूषण में कमी देखने को मिलेगी।

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